Sunday, July 20, 2025

"इंद्रधनुष.."

बारिश तो बहुत है सफर में,
मगर इंद्रधनुष एक भी नहीं। 
इतवार तो बहुत हैं ज़िन्दगी में,
"शलभ" की छुट्टी एक भी नहीं। 

Thursday, July 3, 2025

बारिश..

थोड़ी देर के लिए ही सही,
बारिश बन कर आ जाओ,
तुम मेरे आँगन में। 
बरस जाओ,
दिल के हर कोनों में। 
महक जाओ,
घर के सारे बंद कमरों में।