Wednesday, October 20, 2010

"गुनगुनी धूप का साथ, मन को बहुत भाने लगा है .."



राह में सूरज ,
कोहरे से अठखेलियाँ करने लगा है।
इसीलिए शायद,
मेरे शहर में , देर से आने लगा है ।
अब मुझे देर से जगाने लगा है ।
गुनगुनी धूप का साथ,
मन को बहुत भाने लगा है ।
आओ स्वागत करें हम सब मिलकर ,
जाड़ों का मौसम अब आने लगा है ।

(अपने गृह नगर - उत्तर प्रदेश के एक छोटे से शहर से....)
शलभ गुप्ता
फोटो - आभार गूगल

No comments:

Post a Comment