Friday, October 20, 2017

"दीप.."

बनावटी रोशनियों की चकाचोंध में,
कुछ भी दिखाई नहीं देता,
प्रेम का एक ही दीप काफी है,
उम्र भर रौशनी देने के लिये।
@ शलभ गुप्ता

"मिठास .."

उस मिठाई में कोई  मिठास नहीं होती ,
जो माँ के हाथों से बनी नहीं होती।  
@ शलभ गुप्ता 

Sunday, October 1, 2017

"सच्चे जज्बात.."

यूँ तो दुनिया देखी हैं हमने, हज़ारों लोगों से मिले हैं।
सच्चे जज्बात , बस बुजुर्गों की दुआओं में मिले हैं।

@ शलभ गुप्ता
(अंतरराष्ट्रीय वृद्ध दिवस पर)

"घर का आँगन.."

प्रत्येक घर में आपका सदा निवास रहे।
खुशियों से परिपूर्ण सबका आवास रहे।
आपका आगमन परम सौभाग्य हमारा,
तुलसी से सुगन्धित सबका आँगन रहे।

@ शलभ गुप्ता (1 अक्टूबर 2017)





Thursday, September 28, 2017

"World Heart Day - 29 September"


विश्व हृदय दिवस की आप सभी को बधाई।

"विश्व हृदय दिवस - 29 सितम्बर 2017"

एक दिन अपने दिल से होकर नाराज़,
बातों-बातों में हमने उससे कह दिया।
ऐ दिल ना परेशान कर, और धडकना छोड़ दे।
दिल बोला बड़े इत्मीनान से ,
छोड़ दूंगा मैं उस दिन धडकना
"शलभ" प्यार करना, तू जिस दिन छोड़ दे।
© ® शलभ गुप्ता 
29 सितम्बर 2017
विश्व हृदय दिवस की आप सभी को बधाई। 

Monday, September 25, 2017

"घर के पौधे.."

घर के पौधे अब बड़े होने लगे हैं।
सारी बातों को अब समझने लगे हैं।

@  शलभ गुप्ता

( घर के मनी  प्लांट की तस्वीर )

"कुछ पौधे.."

छज्जे पर रखे हुए कुछ पौधे,
आज मुझसे मिलने आये।  
जी भर के हुई दिल की बातें,
फिर घंटों देर तक बतियाये।

@ शलभ गुप्ता

( घर के मनी  प्लांट की तस्वीर )

 

Sunday, September 24, 2017

"गीत नये लिखने आया हूँ.."

"शलभ" नाम है मेरा,
बड़ी दूर से आया हूँ।
कंकरीट के शहर को,
अपना बनाने आया हूँ।
बहुत तपिश है यहाँ,
संग बारिशें लाया  हूँ।  
गीत नये लिखने आया हूँ।
कवितायेँ सुनाने आया हूँ।
@ शलभ गुप्ता 



Thursday, September 21, 2017

"22 सितम्बर 2017"

जन्मदिन है आज आपका,
शुभकामनायें करें स्वीकार।
तुलसी महके सदा आँगन में ,
नित नयी रंगोली सजे घर-द्वार।
"सुख"-"समृद्धि" हमेशा संग रहें,
होंठ मुस्कराते रहें बार-बार।
आपके जीवन की "जन्मपत्री" पर,
"खुशियों" के हों अमिट हस्ताक्षर।
अनगिनित बाधाएं मिले राह में,
या समय रहे प्रतिकूल,चलते रहें;
चलते रहें, जीवन पथ पर निरंतर।
मानव सेवा का पुनीत कार्य आप कर रहे,
"सम्मान" के लिए प्रतीक्षा कर रहे,
जीवन-उत्कर्ष के स्वर्णिम अवसर।
"शलभ" की ओर से स्वीकार करें,
"कविता" का यह उपहार।
जन्मदिन है आज आपका,
शुभकामनायें करें स्वीकार।

@ शलभ गुप्ता "राज"