Wednesday, January 21, 2009

* * * दोस्ती * * *

मै कहूँ तुम सुनो , वो दोस्ती है,
तुम कहो और मै सुनो , वो अच्छी दोस्ती है,
लेकिन मै कुछ न कहू, और तुम जान लो ,
वो सच्ची दोस्ती है।

5 comments:

  1. क्या बात है- दोस्त!स्वागत ब्लॉग परिवार और मेरे ब्लॉग पर भी.

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  2. बहुत खूब

    सच्ची बात कही दोस्त !

    सार्थक लेखन !

    शुभकामनाएं।

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  3. बहुत सुंदर...आपके इस सुंदर से चिटठे के साथ आपका ब्‍लाग जगत में स्‍वागत है.....आशा है , आप अपनी प्रतिभा से हिन्‍दी चिटठा जगत को समृद्ध करने और हिन्‍दी पाठको को ज्ञान बांटने के साथ साथ खुद भी सफलता प्राप्‍त करेंगे .....हमारी शुभकामनाएं आपके साथ हैं।

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