Monday, May 30, 2011

"एक पल में कई ज़िन्दगी जी जाऊं मैं.."

"किसी की पथराई आँखों के लिए ,
ख़ुशी का "एक आंसू" बन जाऊं मैं ।
चाहे अगले ही पल बह जाऊं।
एक पल में कई ज़िन्दगी जी जाऊं मैं ।
चाहे अगले ही पल फ़ना हो जाऊं मैं ।
यूँ ही गुज़र रही है ज़िन्दगी,
किसी काम आ जाऊं मैं ।
एक तारा हूँ टूटा हुआ,
किसी की मुराद बन जाऊं मैं।
हालातों की तेज़ तपन में ,
किसी पथिक के लिए ,
शीतल पवन बन जाऊं मैं।
जो समझे मुझे सच्चा दोस्त अपना,
उसके लिए हद से भी गुज़र जाऊं मैं।
यूँ ही गुज़र रही है ज़िन्दगी,
किसी काम आ जाऊं मैं । "

5 comments:

  1. बहुत अच्छी और सार्थक ख्वाहिश है....

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  2. @ Veena Ji : Aapka Hradey Se Atyant Aabhaar...

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  3. bhut hi sarthak khwaish hai.. such me ager kisi ke kaam aa jaye ham to sayad jindgi se koi shikayt hi na rahe..

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  4. @ Sushma Ji : Sahi Kaha Aapne, Yeh Zindagi Kisi Kaam Aa Jaye, Vahi Jeevan Safal Hai....

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