Wednesday, May 26, 2010

"एक नयी कहानी लिखेंगें ज़रूर ....."



गुलशन, गुलज़ार है कलियों से...
फूल खिलेंगे ज़रूर।
यकीन है पूरा मुझको,
ब्लॉग के सब साथी ,
एक दिन मिलेंगें ज़रूर।
अपनेपन का अहसास लिये,
फूलों की नाज़ुक कलियाँ,
सब मिल कर,
एक नयी कहानी लिखेंगें ज़रूर ।
खिल जाएँ फूल,
तो आप सब , बस इतना करना।
उन फूलों को संभाल कर,
अपने दिल की किताब में रखना।
यकीन है पूरा मुझको,
ता-उम्र उस किताब से,
खुशबू आयेगी ज़रूर।

5 comments:

  1. आमीन ... ज़रूर मिलेंगे ....

    ReplyDelete
  2. सुन्दर भाव....यकीं बनाये रखिये ..

    ReplyDelete
  3. aameen .
    sunder bhav sajae pyaree rachana........

    ReplyDelete
  4. Sach ... Zaroor Milegen..... ek din sab....

    ReplyDelete